रिया). वर्ल्ड शूटिंग चैम्पियनशिप में गुरुवार को भारत को दो
पदक मिले। 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के जूनियर वर्ग में शूटर सौरभ चौधरी
ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं, अर्जुन सिंह चीमा को कांस्य पदक मिला। वहीं, कोरिया के होजिन लिम ने रजत पदक अपने नाम किया।
सौरभ चौधरी ने
581 का स्कोर करके तीसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया
था। फाइनल में वे अपने आखिरी शॉट पर 10 का स्कोर नहीं कर पाए, लेकिन इसके
बावजूद वो वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुके थे। उन्होंने पांच शॉट्स की दूसरी सीरीज
के साथ बढ़त हासिल की और गोल्ड अपने नाम कर लिया। नेवा. युगांडा दुनिया का सबसे ऊर्जावान और कुवैत सबसे सुस्त देश है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के
168 देशों के सर्वे में यह निष्कर्ष सामने आया है। इस रैकिंग में भारत का
117वां स्थान है। ब्रिटेन 123 और अमेरिका 143वें नंबर पर हैं।
देशों की रैकिंग के लिए पर्याप्त व्यायाम को पैमाना माना गया
था। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, हफ्ते में कम से कम 75 मिनट का सख्त व्यायाम या
फिर 150 मिनट की धीमी शारीरिक गतिविधियां करना पर्याप्त व्यायाम है। इसमें
युगांडा के लोग सबसे आगे रहे। सर्वे में बताया गया कि युगांडा में सिर्फ
5.5% लोग ऐसे हैं, जो पर्याप्त रूप से सक्रिय नहीं हैं।निया के 140 करोड़ लोग निष्क्रिय: डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के
मुताबिक, दुनिया के हर चार में से एक यानी करीब 140 करोड़ वयस्क पर्याप्त
एक्सरसाइज नहीं करते। कुवैत, सऊदी अरब और इराक की आधी से ज्यादा आबादी इस
मामले में पीछे है। ज्यादातर देशों में महिलाएं पुरुषों के मुकाबले कम
सक्रिय हैं। गरीब देशों के लोग कई अमीर देशों की तुलना में दोगुने से भी
ज्यादा सक्रिय हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि बैठे-बैठे काम करने वाले पेशे और वाहनों पर
निर्भरता इसकी वजह है। साल 2001 से 2016 के बीच ग्लोबल एक्सरसाइज लेवल में
खास सुधार नहीं हुआ। विश्व स्वास्थ्य संगठन 2025 के लक्ष्य में पिछड़ गया।
डब्ल्यूएचओ अगले 7 साल में शारीरिक निष्क्रियता का स्तर 10% कम करना चाहता
है। इसके मुताबिक ज्यादातर देशों में तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।
नई दिल्ली. पेट्रोल और डीजल के रेट गुरुवार को फिर बढ़ाए गए। दिल्ली
में पेट्रोल 20 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 79.51 रुपए प्रति लीटर हो गया।
मुंबई में 19 पैसे का इजाफा किया। यहां रेट 86.91 रुपए पहुंच गया। तेल
कंपनियों ने बुधवार को कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। इससे पहले 26 अगस्त
से 4 सितंबर तक लगातार 10 दिन रेट बढ़ाए।
पेट्रोल-डीजल के रेट हर रोज नए रिकॉर्ड उच्च स्तरों पर पहुंच रहे हैं।
उधर, सरकार एक्साइज ड्यूटी में कटौती करने के लिए तैयार नहीं। वित्त मंत्री
अरुण जेटली ने बुधवार को कहा- बाहरी वजहों से तेल महंगा हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आता रहता है।ई दिल्ली. केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले
दलित शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने के खिलाफ हैं। वे बॉम्बे हाईकोर्ट के
इस निर्देश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। बॉम्बे हाईकोर्ट की
नागपुर पीठ ने पंकज मेश्राम की याचिका पर कहा था कि केंद्रीय सूचना एवं
प्रसारण मंत्रालय मीडिया को 'दलित' शब्द का इस्तेमाल बंद करने के लिए
निर्देश जारी करने पर विचार करे। याचिका में सरकारी दस्तावेजों और पत्रों
से भी दलित शब्द को हटाने की मांग की गई थी।
हाईकोर्ट
के निर्देश पर केंद्र ने मीडिया के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि
उन्हें दलित शब्द के इस्तेमाल से बचना चाहिए और इसकी जगह पर 'अनुसूचित
जाति' का इस्तेमाल करना चाहिए। अठावले ने कहा कि सरकारी कामकाज में दलित
शब्द की जगह अनुसूचित जाति शब्द का इस्तेमाल तो ठीक है, लेकिन बोलचाल में
दलित शब्द के प्रयोग पर रोक नहीं लगाई जा सकती।
दलित शब्द पर फख्र : उन्होंने ने कहा कि दलित शब्द जाति विशेष के
लिए नहीं बना, बल्कि समाज में पिछड़ा, गरीब और वंचित तबका भी दलित है। इस
शब्द से समाज के युवा गौरवान्वित महसूस करते हैं। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट भी
कह चुका है कि केंद्र और राज्य सरकारों को पत्राचार में दलित शब्द के
इस्तेमाल से बचना चाहिए क्योंकि यह शब्द संविधान में नहीं है।
नई दिल्ली. पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO समिट में
हिस्सा लेने दो दिवसीय दौर पर आज चीन जा रहे हैं। डेढ़ महीने में ये उनका
दूसरा दौरा है। समिट में चीन, और पाकिस्तान समेत 8 देश शामिल होंगे। भारत
और पाकिस्तान को पिछले साल ही इस समिट की सदस्यता मिली है। उनकी ये पहली
समिट होगी। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच इस कार्यक्रम में
दोनों देशों के प्रमुख आमने-सामने होंगे। व्यापार और आतंकवाद होनी है।
इन सबके बीच . ने पूर्व विदेश सचिव शशांक, फॉरेन
एक्सपर्ट वेद प्रताप वैदिक और रहीस सिंह से बात की। समझा कि पहली बार शामिल
हो रहे भारत के लिए समिट के क्या मायने हैं, क्या इससे आतंकवाद का कोई
हल निकलेगा.... कैसे ये मीटिंग पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाने का काम करेगी।
बातचीत से कुछ मुद्दे निकालकर सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश करते हैं।
# पहली बार हिस्सा ले रहे हैं भारत-पाकिस्तान
- जून 2001 में चीन, रूस और 4 मध्य एशियाई देश कजाकस्तान, किर्गिस्तान,
ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान ने मिलकर शंघाई सहयोग संगठन शुरू किया। संगठन
का मकसद व्यापार और सुरक्षा की दृष्टि से आपसी सहयोग बढ़ाना है।
- भारत और पाकिस्तान को पिछले साल ही इस संगठन में पूर्ण रूप सदस्यता मिली
है। इस बार 9 और 10 जून को चीन के क्विंगदाओ शहर में हो रहे समिट में
दोनों देश पहली बार हिस्सा ले रहे हैं।
# पाकिस्तान पर बढ़ेगा दबाव
- पूर्व विदेश सचिव शशांक के मुताबिक, सम्मेलन में पाकिस्तान पर आतंकवाद
को लेकर दबाव बढ़ेगा। चूंकि, SCO समिट का मकसद सुरक्षा पर बात करना भी है
ऐसे में भारत को एक मौका मिलेगा कि वो आतंकवाद पर खुलकर बोल सके।
- चीन इसमें मुश्किल खड़ी कर सकता है। लेकिन रूस के दखल के चलते चीन पर भी
प्रेशर रहेगा। ऐसे में पाक पर दबाव बनाने में भारत सफल हो सकता है।
# समिट से भारत को मिल सकती है नए बिजनेस कॉरिडोर में एंट्री
- विदेश मामलों के जानकार वेद प्रकाश
वैदिक के मुताबिक, सेंट्रल एशिया के किसी भी देश से भारत की सीमा सीधे
नहीं जुड़ती। ऐसे में इन देशों में जाने के लिए पाकिस्तान या चीन अधिकृत
क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है। लेकिन इस समिट में उसे नए बिजनेस
कॉरिडोर में एंट्री मिल सकती है।
- इन देशों तक पहुंचने के लिए अभी सबसे अहम रूट इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ
ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर ( ) है। जिसके तहत मुंबई से लेकर यूरोप तक को
समुद्र, रोड और रेल नेटवर्क से जोड़ने की प्लानिंग है।
- इसी नेटवर्क के एक रूट, जो कजाकस्तान और तुर्कमेनिस्तान के बीच से होकर
गुजरेगा, इस समिट के सदस्य भारत को इस नए रूट में एंट्री दिलाने में मददगार
साबित हो सकते हैं।
# बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों के बीच मिल सकते हैं तेल के नए ऑप्शन
- पूर्व विदेश सचिव शशांक ने बताया कि सेंट्रल एशिया के देश एनर्जी सरप्लस देश हैं। भारत 80% आयल और गैस बाहर से मंगाता है।
- ऐसे में समिट में एनर्जी कॉरिडोर की बात बनती है तो भारत के लिए
अच्छी बात होगी। इसमें तुर्कमेनिस्तान सदस्य नहीं है लेकिन वो सम्मेलन में
ऑब्जर्वर की भूमिका में रहेगा। ऐसे में कजाकस्तान-तुर्कमेनिस्तान के तौर पर
भारत के लिए नए तेल और गैस के ऑप्शन खुल सकते हैं।
- ऐसा होने पर भारत यहां से सस्ता क्रूड ऑयल लेकर पेट्रोल-डीजल सस्ता करने की सोच सकता है।
# सम्मेलन से भारत को हो सकता है ये नुकसान भी
- वेद प्रकाश वैदिक के मुताबिक एक तरफ भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और
अमेरिका का ग्रुप बन रहा है। दूसरी तरफ में चीन और रूस समेत सेंट्रल
एशिया के चार देशों का दूसरा संगठन खड़ा हो रहा है।
- ऐसे में कहीं ये मैसेज न चला जाए कि अमेरिका के खिलाफ जा सकता है।
इसलिए भारत को बहुत सोच समझकर कदम उठाना होगा। उसे बैलेंस ऑफ डिप्लोमेसी
बनाकर रखनी होगी।
# भारत को साथ रखना चीन की मजबूरी
- विदेश मामलों के जानकार वैदिक का कहना है कि समिट में चीन बड़े
जिम्मेदार की भूमिका निभाने की सोच रहा है। वो अगले 20 साल में अमेरिका की
जगह लेने की फिराक में है।
- ऐसे में भारत को साथ लेकर चलना उसकी मजबूरी है। कई देशों को ये भी डर है कि चीन SCO के जरिए नाटो को टक्कर दे सकता है।
- वहीं, इस पर पूर्व विदेश सचिव शशांक का कहना है कि अब चीन को अपनी पोजीशन
क्लियर करनी होगी। उसे भारत को साथ लेकर चलना होगा। इसके पीछे का कारण ये
है कि चीन टकराव की स्थिति में भारत को अपने विरोध में खड़ा नहीं देखना
चाहता है।
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